Tuesday, November 12, 2013

चांद का इंतजार


मैं जानता हूं तुम अलग हो बहुत
मैं भी हूं शायद थोड़ा
तुम बात करते करते फोन काट देती हो
मैं इंतजार करता हूं घंटों
जब तुम बिजी होती हो
मैं तुम्हारे इंतजार में 'फ्री' हो जाता हूं
तुम चांद हो
मैं तुम्हारी रोशनी के पीछे भागता हूं
तुम बाद में बताती हो व्यस्त होने का कारण
मैं तुम्हारे लौट रहे जवाब को महसूस करता हूं
तुम्हारे बिजी होने का कारण होता है मजबूत
हर बार
सिर्फ बताती बाद में हो
खुद पर मुझे फिर अफसोस होता है घंटों...

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